धर्म
कौन हैं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, जिनकी वजह से माघ मेला बन गया तनाव का मैदान?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रयागराज माघ मेले में संगम स्नान विवाद के केंद्र में हैं, जहां प्रशासन और उनके शिष्यों के बीच टकराव हुआ. वे धर्म, परंपरा और सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहते हैं और शंकराचार्य के पद पर विवादित होने के बावजूद अपनी बात बेबाकी से रखते हैं.
शनि का नक्षत्र परिवर्तन 2026: शनि के नक्षत्र परिवर्तन से 3 राशियों पर बढ़ेगी मुश्किलें, मई 2026 तक बरतनी होगी खास सावधानी
शनि देव 20 जनवरी को अपना नक्षत्र बदलने जा रहे हैं, जिसका असर सभी राशियों पर एक जैसा नहीं होगा. ज्योतिष के अनुसार, यह नक्षत्र परिवर्तन कुछ राशियों के लिए चुनौतियां, तनाव और सावधानी का संकेत दे रहा है, जो मई 2026 तक बना रह सकता है.
Magh Gupt Navratri 2026: आज से नौ दिनों की गुप्त साधना, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
माघ गुप्त नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 जनवरी से होकर 27 जनवरी तक चलेगी, जिसमें देवी दुर्गा और दस महाविद्याओं की गुप्त साधना की जाती है. इस दौरान शुभ मुहूर्त में घटस्थापना और विधिपूर्वक पूजा करने से संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
मोर का पंख क्यों है खास? जानिए किन जन्म तिथियों वालों के लिए है सबसे ज्यादा शुभ
सनातन परंपरा, आध्यात्म और ज्योतिष में मोर के पंख को अत्यंत शुभ और शक्तिशाली प्रतीक माना गया है. यह न सिर्फ भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा है, बल्कि प्रेम, सौंदर्य और दिव्य ऊर्जा का भी प्रतिनिधित्व करता है. मान्यता है कि मोर पंख नकारात्मक शक्तियों को दूर कर व्यक्ति की आभा और ऊर्जा को संतुलित बनाए रखने में सहायक होता है.
शनिवार को खिचड़ी खाने से क्यों प्रसन्न होते हैं शनि देव? जानिए ज्योतिषीय कारण और लाभ
शनिवार के दिन खिचड़ी खाने की परंपरा सिर्फ स्वाद या सेहत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका गहरा संबंध शनि देव की कृपा से भी माना जाता है. ज्योतिष के अनुसार, शनिवार को खिचड़ी का सेवन और दान करने से शनि दोष कम होता है और जीवन में स्थिरता आती है.
पंचांग 17 जनवरी 2026: माघ कृष्ण पक्ष चतुर्दशी पर बन रहे खास संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का पंचांग
2026 में, माघ महीने के कृष्ण पक्षकी चतुर्दशी आज, शनिवार, 17 जनवरी को पड़ रही है. धार्मिक नज़रिए से यह दिन बहुत खास माना जाता है. शनिवार का दिन भगवान शनि को समर्पित है, और इस दिन किए जाने वाले कुछ अनुष्ठान जीवन से नकारात्मकता को दूर करने में मदद कर सकते हैं.
2026 की पहली मासिक शिवरात्रि, व्रत और पूजा से मिलेगा महादेव का आशीर्वाद
साल 2026 की पहली मासिक शिवरात्रि आज श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है. यह पावन तिथि भगवान शिव को समर्पित होती है, जिस दिन व्रत, पूजा और रुद्राभिषेक से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. शिव कृपा पाने के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है.